
रायपुर: राजधानी में चाकूबाजी की घटनाएं आम होने के बाद अब बदमाशों के हाथों में हथियार भी आ गए हैं। सरेआम गोली चलाते हैं और फरार हो जाते हैं। बढ़ती वारदातों ने पुलिस सिस्टम की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए हैं।
चाकूबाजी की घटनाएं आम
छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर बदमाशों का गढ़ बनता जा रहा है। बदमाश जब चाहें किसी को चाकू मारते हैं और जब चाहें गोली। चाकूबाजी की घटनाएं आम होने के बाद अब गोलीबारी की घटनाएं सामने आने लगी हैं, जिससे राजधानी वासियों के दिलों में अब खौफ पैदा हो गया है।
युवती से मोबाइल और स्कूटी छीनने की कोशिश
दरअसल छेरीखेड़ी स्थित एक बड़े होटल के पास सहेली के साथ जा रही युवती रितिका इसरानी से पहले मोबाइल और स्कूटी छीनने की कोशिश की गई। बदमाशों का विरोध किया तो धांय से गोली मार दी और फरार हो गए। घायल युवती ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि वो अपनी सहेली फरहीन फातिमा के साथ गुरुवार को FITB नामक एक कैफ़े जा रही थी। तभी जंगल मे छिपे लुटेरे अचानक सामने आए और वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह
सरकार रहवासियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए पुलिस सिस्टम पर करोड़ों हर महीने फूंकती है। पुलिस ये दावा भी करती है कि सब कुछ ठीक है, लेकिन ये वारदात किसी दूरदराज के इलाके में नहीं बल्कि राजधानी में हुई है। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। हालांकि पुलिस ने स्कूटी और मोबाइल बरामद करने के साथ आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है।
खाकी क्या नींद में है?
राजधानी रायपुर में खुलेआम गोली चलने की ये कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर के रामसागरपारा इलाके में बदमाशों में वर्चस्व की लड़ाई के लिए गोलीबारी हुई थी। अब छुटभैये बदमाशों के पास भी देसी कट्टे जैसे हथियार का आ जाना। राजधानी में हथियार तस्करों के सक्रिय होने की ओर इशारा करता है और अगर ये सच है तो खाकी क्या नींद में है? उम्मीद है पुलिस अपनी जिम्मेदारियों को सुस्ती की बजाय चुस्ती से निभाएगी और आने वाले दिनों में राजधानी में क्राइम धीरे धीरे ही सही शून्य के आंकड़े तक पहुंचेगा।



